राजस्थान बोर्ड साल में दो बार करवाएगा परीक्षा: एक नया कदम शिक्षा में सुधार की ओर
राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) ने एक बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत अब 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी।
यह कदम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पैटर्न की तर्ज पर लिया है, अधिकारियों का कहना है इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करना और परीक्षा के दबाव को कम करना है। यह बदलाव न केवल शिक्षा प्रणाली में लचीलापन लाएगा, बल्कि छात्रों के शैक्षिक प्रदर्शन को बढ़ाने में भी मदद करेगा।
यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है, जो बोर्ड परीक्षाओं के “हाई-स्टेक्स” पहलू को कम करने पर जोर देती है। साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा देने का मौका देना है।
इससे अगर कोई छात्र पहली बार में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता, तो उसे दूसरा अवसर मिलेगा। साथ ही, यह प्रणाली छात्रों के तनाव को कम करने और उनकी क्षमताओं को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने में सहायक होगी।
राजस्थान बोर्ड के इस कदम को CBSE के हालिया प्रस्तावों से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां 2026 से कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करने की योजना है। RBSE भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे राज्य के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली के साथ तालमेल बनाने में आसानी होगी।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रणाली कक्षा 12 के लिए भी लागू होगी या केवल कक्षा 10 तक सीमित रहेगी। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो इसे उच्च कक्षाओं के लिए भी विस्तारित किया जा सकता है।